अमेरिका की दवा कंपनी मॉडर्ना (Moderna) ने वैक्सीन के लिए जरूरी जेनेटिक कोड पाने से लेकर उसका इंसानों में ट्रायल तक का सफर मात्र 42 दिनों में पूरा कर लिया. जुलाई में COVID-19 वैक्सीन के ट्रायल का तीसरा फेज शुरू हो जाएगा.
अमेरिका की दवा कंपनी मॉडर्ना ने  वैक्सीन (COVID-19 Vaccine) बनाने की उम्मीदें बढ़ा दी हैं. सोमवार को कंपनी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिन मरीजों पर उसके RNA वैक्सीन का ट्रायल किया गया, उनके शरीर में उम्मीद से अच्छी इम्यूनिटी बढ़ी है और साइड इफेक्ट्स भी मामूली हैं.

कंपनी ने कहा है कि ह्यूमन क्लीनिकल ट्रायल के शुरुआती नतीजे पॉजिटिव आने के बाद जुलाई में वैक्सीन के ट्रायल का तीसरा फेज शुरू हो जाएगा. मॉडर्ना पहली दवा कंपनी है जिसने अपनी आरएनए आधारित वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल किया है.

वहीं मॉर्डना कम्पनी के शेयर की कीमत फरवरी के बाद से तीन गुना से अधिक हो गई है और शुक्रवार को बंद हुए स्तर के मुकाबले 240 फीसदी बढ़ी है.  प्रीमार्केट ट्रेडिंग में, मॉडर्ना का शेयर शुक्रवार के 66.69 डॉलर के बंद भाव के मुकाबले 86.14 डॉलर पर खुला.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प (American President Trump) ने ये भी कहा कि हमारे पास दो मिलियन से ज्यादा वैक्सीन हैं, कि ह्यूमन क्लीनिकल ट्रायल के शुरुआती नतीजे पॉजिटिव आने के बाद हम  ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स के लिए भी तैयार हैं. हम अच्छा इलाज कर रहे हैं, मेडिकल साइंस में भी अमेरिका अच्छा कर रहा है. न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के मुताबिक ट्रंप प्रशासन ने ऐसी 5 कंपनियों का चयन किया है जो ज्यादातर कोरोनावायरस (Coronavirus) से लड़ने के लिए वैक्सीन का निर्माण करेंगी.


नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (National Institute of Health) बॉयोटेक फर्म मॉर्डेमा (Moderma) के साथ मिलकर कोरोना से निपटने के लिए वैक्सीन निर्माण पर तेजी से काम कर रहा है.