दिल्ली में  कोरोना वायरस ने कहर मचा दिया है. कोरोना वायरस से जूझ रही दिल्ली में अब श्मशान घाट भी शवों से भरे नजर आ रहे हैं. निगम बोध श्मशान घाट पर शवों के लिए बिलकुल भी जगह नहीं है, ऐसे में नदी के किनारे और 30 जगहें शवदाह के लिए तैयार की जा रही हैं.

देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस का कहर जारी

दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. लगातार बढ़ रहे संक्रमण के बीच मौत के आंकड़े भी लगातार बढ़ रहे हैं. निगमबोध घाट में सालों से अंतिम संस्कार करा रहे आचार्यों का भी कहना है कि कोरोना काल में उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं.

श्मशान घाट भी शवों से भरे नजर आ रहे हैं  शवों के लिए नहीं मिल रही जगह

बीते 15 दिनों से रोजाना 100 से 150 शवों का अंतिम संस्कार निगमबोध के आचार्य और उनकी टीम करा रही है. हालात ये हैं कि वे भी अब थक चुके हैं. लगातार बढ़ रही लाशों को देखकर वे भी परेशान हो गए हैं. उनका कहना है कि जब कोरोना से मरने वाले लोगों की डेड बॉडी ज्यादा आने लगी तो सरकार ने 6 और श्मशान घाटों को तैयार करना शुरू किया है.

निगमबोध घाट पर कम पड़ रही जगह

अंतिम संस्कार के लिए निगमबोध घाट में 100 के करीब प्लेटफॉर्म हैं, जिनमें से इन दिनों 45 प्लेटफार्म पर कोरोना मरीजों का अंतिम संस्कार होता है. सभी प्लेटफॉर्म पूरी तरह से भरे हुए हैं. एंबुलेंस में शवों को लाया जा रहा है और उनका अंतिम संस्कार किया जा रहा है.

पंजाबी बाग क्रीमेशन ग्राउंड

 ग्राउंड के सभी प्लेटफॉर्म पर एक साथ कई चिताओं को जलाया जा रहा है,  इस घाट में 5 सीएनजी और 70 लकड़ी से चिताओं के जलने की व्यवस्था है  जो काफी डरावना है.