गर्मी के मौसम में चिकनगुनिया का प्रकोप, ऐसे रखें ध्यान :-

नई दिल्लीः गर्मियों का मौसम शुरू हो चुका है और इस साल भीषण गर्मी पड़ने की संभावना जतायी जा रही है. ऐसे में राजधानी दिल्ली में गर्मी 'कहर' बरपाने वाली है. वहीं गर्मी आने से पहले ही मच्छर जनित रोग का प्रभाव पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष और अधिक बढ़ने की आशंका जतायी जा रही है. गर्मी से बचने के लिए लोग कूलर का इस्तेमाल सबसे अधिक करते हैं, जो डेंगू-चिकनगुनिया को आमंत्रित करते हैं. इस वर्ष के आंकड़े पिछले वर्ष के आकड़े को भी पार कर सकती है.
 दिल्ली के अस्पतालों में  मामले दर्ज
एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित खबरों के अनुसार, दक्षिण दिल्ली नगर निगम निगम की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 25 April तक दिल्ली के अस्पतालों में डेंगू के 20 मामले दर्ज किए गए है, जो पिछले साल की तुलना में 5 अधिक हैं। आज का बिहार मच्छर जनित रोगों से प्रभावित पिछले साल 9,271 लोग प्रभावित हुए थे, जिनमें 10 लोगों की मौत हो गई थी.

 

 चिकनगुनिया: लक्षण, बचाव और इलाज.....?

एडीज मच्छर के काटने से चिकनगुनिया का वायरस इंसान के शरीर में फैलता है


चिकनगुनिया क्या है? 

चिकनगुनिया एक वायरल बीमारी है, जो मच्छर के काटने से फैलती है. एडीज मच्छर के काटने से चिकनगुनिया का वायरस इंसान को बीमार कर देता है । हिन्दी में  चिकनगुनियाऔर डेंगू के लक्षण बहुत मिलते जुलते हैं. इसलिए इन दोनों बिमारियों में पहचान करना अक्सर मुश्किल हो जाता है. पिछले 2 सालों में चिकनगुनिया के केसेस भारत में  बहुत बढ़ गए हैं. चिकनगुनिया के लिए कोई भी टिका या इलाज अभी नहीं हैं इसलिए सही सावधानी रखना जरूरी है.

 चिकनगुनिया के लक्षण, बचाव और इलाज :
वैसे तो चिकनगुनिया जानलेवा नहीं होती है पर पीड़ित इंसान तेज भुखार, बहुत दर्द और कमजोरी से
गुजरता है. यह बीमारी लम्बे समय तक असर डाल सकती हैं
चिकनगुनिया के 10 लक्षण
1.       तेज बुखार होना. शरीर संक्रमण से लड़ने के प्रयास में अपना तापमान बढ़ाता है.
2.       चिकनगुनिया में तेज बुखार होना
3.       आंखों में दर्द और कंजेक्टिवाइटिस होना
4.       गले में खराश होना
5.       थकान के साथ मांसपेशी में दर्द होना
6.       पैर, हाथ और कलाई में हल्के सूजन के साथ गंभीर दर्द होना
7.       गंभीर पीठ दर्द होना
8.       सिर दर्द होना
9.       कई महीनों और वर्षों तक शरीर में दर्द होना
10.   त्वचा पर लाल रंग के चकत्ते का होना जो आमतौर से 48 घंटों में दिखाई पड़ते हैं
चिकनगुनिया का इलाज:
1.       मरीज को डिहाइड्रेशन से बचाए. दिनभर पानी, जूस पिलाते रहना
2.        भरपूर भोजन करें
3.       गिलोय एक आयुर्वेदिक औषधी है। इसमें एंटी-इंफ्लामेटरी, एंटी-आर्थराइटिस और इम्यूनोमॉड्यूलेटरी गुण पाए जाते हैं, जो चिकनगुनिया बुखार से राहत दिलाते हैं।
4.       तुलसी के पत्ते काफी फायदेमंद साबित होते हैं। तुलसी की पत्तियां बुखार और  शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार करती हैं। इन पत्तियों में एंटीमाइक्रोबियल गुण होता है, जो बुखार से राहत दिलाते हैं।
5.        जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में लहसुन सेहतमंद है। जिस जगह दर्द है इसे वहां जितना ज्यादा हो सके लगाएं। यह सिर्फ दर्द से राहत दिलाएगा, बल्कि सूजन को कम करके रक्त संचार को बेहतर भी बनाएगा।
चिकनगुनिया से बचाव
 चिकनगुनिया मच्छर के काटने से होती है. इसलिए आवश्यक है कुछ ऐसे उपाय अपनाना जो इस बीमारी को फैलने से रोके.
1.    चिकनगुनिया का मच्छर जमा हुए पानी में पनपता है. इसलिए यह आवश्यक है कि पानी को एक जगह जमा होने दें.
2.    कूलर के पानी को सप्ताह में कम से कम एक बार बदलें
3.    गमले, बर्तन और घर के चारों तरफ पानी जमा होने दें
4.    मच्छरों को मारने वाले स्प्रे का प्रयोग करें
5.    युकलिप्टुस के तेल का मच्छरों के रोकथाम के लिए इस्तमाल करें
6.    खिड़की और दरवाजों में जाली लगवाएं
7.     बाहर निकलते समय स्वयं और बच्चों को पूरे शरीर ढकने वाले कपड़ें पहनाएं



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